धार्मिक ब्यूरो। पौष शुक्ल पूर्णिमा को बहुत है। हर महीने पूर्णिमा पर होता है। पौष शुक्ल पूर्णिमा 3 जनवरी सोमवार को पड़ रही है।

पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा करने की विधि होती है।

हिंदू धर्म में पूर्णिमा का बहुत महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। कोरोना वायरस के कारण इस समय घर में रहना सुरक्षित है। आप घर बैठे भी नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। paush purnima 2022 january puja vidhi upay tips dhanwan banne ke upay remedies totke

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा को सबसे बड़ा दान माना जाता है। इस दिन दान भी किया जाता है। पौष पूर्णिमा के शुभ दिन धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने और धनवान बनने के लिए मां खीर का भोग लगाना चाहिए। मां लक्ष्मी को खीर बहुत प्रिय होती है।

इस पावन दिन पर लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अष्टलक्ष्मी मंत्र का पाठ कर लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहिए। इस जाप से घर में सुख-समृद्धि आती है। आप दैनिक अष्टलक्ष्मी मंत्र का पाठ भी कर सकते हैं।

श्री अष्टलक्ष्मी स्त्रोतम:

आदि लक्ष्मी
सुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि चंद्र सहोदरि हेममये । मुनिगण वन्दित मोक्षप्रदायिनी मंजुल भाषिणि वेदनुते । पङ्कजवासिनि देवसुपूजित सद-गुण वर्षिणि शान्तिनुते । जय जय हे मधुसूदन कामिनि आदिलक्ष्मि परिपालय माम् ।

धान्य लक्ष्मी:
अयिकलि कल्मष नाशिनि कामिनि वैदिक रूपिणि वेदमये । क्षीर समुद्भव मङ्गल रुपिणि मन्त्रनिवासिनि मन्त्रनुते । मङ्गलदायिनि अम्बुजवासिनि देवगणाश्रित पादयुते । जय जय हे मधुसूदनकामिनि धान्यलक्ष्मि परिपालय माम् ।

धैर्य लक्ष्मी:
जयवरवर्षिणि वैष्णवि भार्गवि मन्त्र स्वरुपिणि मन्त्रमये । सुरगण पूजित शीघ्र फलप्रद ज्ञान विकासिनि शास्त्रनुते । भवभयहारिणि पापविमोचनि साधु जनाश्रित पादयुते । जय जय हे मधुसूदन कामिनि धैर्यलक्ष्मि सदापालय माम् ।

गज लक्ष्मी:
जय जय दुर्गति नाशिनि कामिनि वैदिक रूपिणि वेदमये ।

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