< कुंडली में ये 5 योग हो तो श्रीकृष्ण जितना भाग्यशाली होता है इंसान

कुंडली में ये 5 योग हो तो श्रीकृष्ण जितना भाग्यशाली होता है इंसान


नई दिल्ली, 02 जून 2022 । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति की कुंडली में पांच ऐसे ग्रह होते हैं जो बहुत ही शुभ और बलवान माने जाते हैं। इन योगों को पंच महापुरुष योग कहते हैं।

यदि इनमें से कोई एक योग राशि में हो तो उसे जीवन में कभी भी संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। पांच महान योग गुरु मंगल, बुध, शुक्र और शनि से बने हैं। जब इन पांचों में से कोई भी ग्रह मूल त्रिकोण या केंद्र में बैठता है, तो व्यक्ति का भाग्य चमकता है। religion 5 auspicious yog in kundli can make a person lucky like shri krishna and lord rama

जब ये ग्रह केंद्र में हों तो पांच महापुरुषों का योग सार्थक होता है। वही पांच महान योग भगवान राम और भगवान कृष्ण की कुंडली में थे। उपरोक्त ग्रहों से जुड़े पांच महान योगों के नाम इस प्रकार हैं-

1. मंगल का रोचक योग
2. बुध का भद्र योग
3. गुरु का हंस योग
4. शुक्र का मालवीय योग
5. और शनि का शाश योग

मंगल ग्रह का रोचक योग
यदि मंगल आपकी कुण्डली के केंद्र में स्थित हो या चन्द्रमा से केंद्र भाव में स्थित हो, अर्थात मंगल लग्न से पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में हो या चन्द्रमा मेष, वृश्चिक या मकर राशि में हो, तो रोचक योग होगा।

आपकी कुंडली में बनेंगे। इस योग के जातक साहसी और पराक्रमी होते हैं। उनके पास बहुत अधिक शारीरिक शक्ति भी है। मानसिक रूप से ये लोग काफी मजबूत होते हैं। ऐसे लोग जल्दी निर्णय लेने में अच्छे होते हैं। व्यापार और प्रशासन में बड़ी सफलता मिलेगी।

बुध का भद्र योग
इस योग का संबंध बुध ग्रह से है। यदि आपकी कुंडली में लग्न से या आपकी कुंडली में बुध केंद्र के भाव में स्थित हो यानि बुध आपकी कुंडली में चंद्रमा से पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में हो तो आपकी कुंडली में भद्र योग बनेगा।

इस राशि के जातक बुद्धि, चतुराई और वाणी के धनी होते हैं। ऐसा व्यक्ति लेखन, गणित, व्यवसाय और परामर्श के क्षेत्र में बहुत सफल होता है। इन लोगों में विश्लेषण करने की अद्भुत क्षमता होती है।

गुरु का हंस योग
यदि आपकी कुंडली में गुरु धनु या मीन राशि में हो तो योग होगा। गुरु जब अपने घर या केंद्र में उच्च या मूल त्रिकोण में स्थित हो तो विशेष परिस्थितियों में योग बनता है। यदि बृहस्पति लग्न या चंद्रमा से कर्क, धनु या मीन राशि के पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में हो तो कुंडली में हंस योग बनता है।

इस योग से व्यक्ति को सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। ये लोग अपनी तार्किक शक्ति से दुनिया को झुकाने की ताकत रखते हैं।

 

प्रकाशित मिति : २०७९ जेष्ठ २० गते शुक्रवार