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ओली को चीन और भारत के खेमे में बाँटते हुए बालेन के सत्ता में आने के दावे पर भारतीय दुनियाँ में खुशी


काठमांडू – भारत के चर्चित हिन्दी अख़बार नवभारत टाइम्स ने लिखा है कि राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री पद के दावेदार बालेन्द्र शाह (बालेन) चीन की परियोजना बीआरआई (Belt and Road Initiative) के विरोध में हैं, जिसे भारत के लिए खुशी की खबर माना जा रहा है। इस समाचार को भारतीय लोग बड़े उत्साह से साझा कर रहे हैं। उनका कहना है कि ओली चीन के खेमे में हैं, जबकि बालेन भारत के खेमे में खड़े होंगे और सत्ता भी हासिल करेंगे, जिससे भारत को लाभ होगा।

समाचार में उल्लेख है कि फागुन 21 के चुनाव में बालेन्द्र के कारण बीआरआई परियोजना पर खतरे की घंटी बज गई है। नवभारत टाइम्स ने लिखा है कि बालेन्द्र शाह ने झापा–5 में खरबों लागत वाले नेपाल–चीन औद्योगिक पार्क के मुद्दे को अपने घोषणापत्र से बाहर रखा है।

केपी ओली द्वारा लाए गए बीआरआई परियोजना के हिस्से को बालेन ने शामिल न करने से भारत को खुशी मिली है, ऐसा अख़बार ने लिखा है। बालेन्द्र शाह को चीन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। जब चीनी नववर्ष मनाने के लिए काठमांडू में स्थान माँगा गया था, तब बालेन ने माँगी गई जगह उपलब्ध नहीं कराई थी।

 

प्रकाशित मिति : २०८२ फाल्गुन १५ गते शुक्रवार